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परिचय

महत्वपूर्ण सूचना- कोरोना महामारी और राज्य के कई हिस्सों में तालाबंदी के कारण, अकादमी ने 4 अप्रैल, 2020 तक सभी प्रशिक्षण स्थगित करने का निर्णय लिया है।

Important Notice-  Due to Corona pandemic and the lockdown in many parts of the State, the Academy has decided to postpone all the training up to 4th April, 2020 

भोपाल के दक्षिण पूर्वी भाग में हरे भरे मनोरम परिसर में शाहपुरा झील के किनारे स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी मध्यप्रदेश शासन की शीर्षस्थ प्रशिक्षण संस्था है। इसकी स्थापना वर्ष 1966 में मूलतः लालबहादुर शास्त्री लोक प्रशासन संस्थान के रूप में हुई थी। वर्ष 1975 में इसका नाम मध्यप्रदेश प्रशासन अकादमी रखा गया। वर्ष 2001 में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्‍य सचिव की स्‍मृति में अकादमी को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी मध्यप्रदेश, भोपाल नाम दिया गया। वर्ष 1992 में ओवरसीज डेवलपमेंट अथॉरिटी, यू.के. जो अब डी.एफ.आई.डी. के रूप में जाना जाता है तथा भारत सरकार के संयुक्त तत्‍वावधान में प्रायोजित प्रशिक्षकों की प्रशिक्षण परियोजना एवं जेण्‍डर प्‍लानिंग प्रशिक्षण के लिए अकादमी को राष्ट्रीय स्‍तर पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्‍थान के रूप में चयनित किया गया ।  

वर्ष 1994 में “प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण” के लिए भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता के लिए अकादमी को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। पुन: वर्ष 1999 में संपूर्ण गुणवत्‍ता प्रबंधन कार्य योजना निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा श्रेष्‍ठ क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्‍थान के रूप में अकादमी को चयनित किया गया ।

वर्ष 2003 में अकादमी को ISO 9001:2000 प्रमाण पत्र दिया गया। प्रशासन अकादमी भारत की उन चुनिंदा संस्थाओं में से है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित अखिल भारतीय एवं केन्द्रीय सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित करने का अवसर भारत सरकार द्वारा दिया गया है। वर्ष 2009 में केन्‍द्रीय सेवाओं के ‘’ए’’ ग्रुप अधिकारियों के लिए 83वॉं आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम बार आयोजन किया गया। तत्‍पश्‍चात वर्ष 2010, 2011 व 2012 में भी आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

वर्ष 2013 में वरिष्‍ठ राज्‍य अधिकारियों हेतु मिड कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ष 2014 में IES 2013 बैंच के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्ष 2015 में भारत सरकार कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) नई दिल्‍ली द्वारा आयोजित National Symposium on Excellence in Training में प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट कार्य हेतु Methodology and Delivery श्रेणी के अंतर्गत Video Interactive Didactics For Your Awareness तथा Management of Training and Training Establishments श्रेणी के अंतर्गत Preparation of Training Calendar & Follow-Up With ERP दो राष्‍ट्रीय उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार प्राप्‍त हुए । उल्‍लेखनीय है कि प्रशासन अकादमी देश की एक मात्र ऐसी प्रशिक्षण संस्‍था है जिसे राष्‍ट्रीय स्‍तर के दो पुरस्‍कार एक साथ प्राप्‍त हुए ।

23 अप्रैल 2015 में प्रशासन अकादमी द्वारा ISO 9001:2008 प्रमाण पत्र आगामी 3 वर्षों के लिए प्राप्‍त किया गया।

प्रशासन अकादमी राज्य सरकार एवं भारत सरकार के वरिष्ठ एवं मध्यम स्तर के अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के साथ स्थानीय सरकारी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है। अकादमी इसके अतिरिक्‍त मध्यप्रदेश की शीर्षस्थ प्रशिक्षण संस्था के रुप में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में राज्य सरकार के लिये सलाहकार, प्रदेश में स्थित प्रशिक्षण संस्थाओं के लिये समन्वय के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का संचालन करती रही है। यह विभिन्न प्रकार के अकादमिक विचार विमर्श, चर्चाऐं एवं लोकक्षेत्र में सहयोग स्थापित करने का कार्य भी करती है।

 

प्रमुख गतिविधियाँ

प्रकाशन

"एक अनाड़ी की कही कहानी’’ पुस्‍तक का प्रकाशन एवं विमोचन

प्रशासन अकादमी के ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन केन्‍द्र द्वारा प्रदेश के प्रख्‍यात प्रशासक पद्मभूषण स्‍व. श्री आर. पी. नरोन्‍हा की पुस्‍तक “A tale told by an Idiot” का हिन्‍दी अनुवाद “एक अनाड़ी की कही कहानी’’ अकादमी के तत्‍कालीन महानिदेशक श्री इन्‍द्रनील शंकर दाणी द्वारा किया गया है। उक्‍त पुस्‍तक का प्रकाशन राजकमल प्रकाशन प्रा. लि., नई दिल्‍ली द्वारा किया गया। दिनांक 15 जून, 2015 को पुस्‍तक का विमोचन माननीय श्री जयंत सिन्‍हा, राज्‍य मंत्री, भारत सरकार, वित्‍त मंत्रालय के द्वारा किया गया।