ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन केन्‍द्र

परिचय

सुशासन विकास का निर्णायक एवं अनिवार्य घटक है। इस तथ्‍य को स्‍वीकार करते हुए केन्‍द्र सरकार ने 10वीं पंचवर्षीय योजना में सुशासन विषय पर पृथक से चर्चा की है। इसी दिशा में पहल करते हुए 10 फरवरी, 2003 को प्रशासन अकादमी में राज्‍य योजना मण्‍डल के माननीय उपाध्‍यक्ष की अध्‍यक्षता में बैठक आयोजित की गई और केन्‍द्र के गठन की अनुशंसा की गई। शासन के द्वारा समिति की अनुशंसा अनुसार अप्रैल 2003 में केन्‍द्र का गठन तथा मई, 2003 में इसका पंजीयन मध्‍यप्रदेश सोसायटी रजिस्‍ट्रेशन एक्‍ट 1973 के अंतर्गत किया गया।

 

केन्‍द्र के उद्देश्‍य

  1. विकेन्‍द्रीकरण एवं सुशासन की प्रक्रिया को गति प्रदान करना।
  2. ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन के क्षेत्र में अध्‍ययन, प्रशिक्षण एवं कंसलटेन्‍सी को बढावा देना।
  3. ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन के क्षेत्र में शीर्षस्‍थ संस्‍था के रूप में कार्य करना।
  4. व्‍यावसायिक पाठयक्रम, कान्‍फ्रेंस, सेमीनार एवं प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्‍यम से लोक प्रशासन एवं प्रबंधन तंत्र में गुणवत्‍ता बनाये रखना।
  5. स्‍थानीय निकायों में व्‍यावसायिक प्रबंधन क्षमता विकसित कर स्‍थानीय नागरिकों के जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार लाना।
  6. प्रदेश, देश एवं विदेश में कार्यरत विभिन्‍न संस्‍थाओं एवं संगठनों के साथ मिलकर लोक प्रबंधन प्रणाली में सुधार तथा विकेन्‍द्रीकरण एवं सुशासन के क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर विचार विमर्श करना।
  7. विकेन्‍द्रीकृत विकास नियोजन, सूचना प्रबंधन प्रणाली तथा सामाजिक, आर्थिक नीतियों पर विचार विमर्श करना।
  8. उपरोक्‍त उददेश्‍यों की पूर्ति के लिए समय समय पर फेलोशिप, पुरस्‍कार एवं पारितोषिक के द्वारा अनुसंधान एवं लोकनीति निर्माण की गतिविधि को प्रोत्‍साहित करना।
  9. आवश्‍यकता अनुसार समय-समय पर अन्‍य गतिविधियॉं एवं कार्यक्रम संचालित करना जिससे सुशासन एवं विकेन्‍द्रीकरण की प्रक्रिया को बल मिले।

 

केन्‍द्र द्वारा किये गये कार्य

केन्‍द्र के द्वारा पूर्व के वर्षो में विभिन्‍न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये है। इसके अतिरिक्‍त केन्‍द्र के द्वारा विगत अनेक वर्षो से विभिन्‍न क्षेत्रो के अति विशिष्‍ट व्‍यक्तियों के व्‍याख्‍यान कामथ मेमोरियल एवं नरोन्‍हा मेमोरियल व्‍याख्‍यान माला के अंतर्गत कराये जाते हैं । इनसे समसामयिक विषयों पर समाज का प्रबुद्ध वर्ग लाभान्वित होता हैं नरोन्हा प्रशासन और प्रबंधन अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह, म.प्र

  • "नरोन्हा गैलरी": आरसीवीपी नरोन्हा, आईसीएस, पद्मभूषण की स्मृति में, राज्य के प्रख्यात प्रशासक
  • "नरोन्हा स्मृति व्याख्यान"
  • "सिंहस्थ 2016: एक पूर्व वार्तालाप
  • "श्री आर पी नरोन्हा की पुस्तक " "A tale told by an Idiot" " का राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित एकेडमी के तत्कालीन महानिदेशक इंद्रनील शंकर दानी द्वारा हिंदी में अनुवाद किया गया है। 15 जून 2015 को माननीय श्री जयंत सिन्हा, राज्य मंत्री, भारत सरकार, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया था।

 

  2017-18   (i) दिनांक 26 मार्च 2018, को ‘’दिव्‍यांग अधिकार अधिनियम 2016 के कार्यान्‍वयन में चुनौतियां ‘’ मुख्‍य वक्‍ता श्री प्रसन्‍न कुमार पिंचा, विशेष प्रतिवेदक, (नि:शक्‍तजन), राष्‍ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्‍ली, एवं भूतपूर्व मुख्‍य आयुक्‍त, (नि:शक्‍तजन), सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्‍ली द्वारा व्‍याख्‍यान आयोजित कराया गया
(ii)  दिनांक 30/11/2017, ‘’एकात्‍म मानववाद – दर्शन की प्रासंगिकता’’
  2016-17 (i) दिनांक 05/04/2016 से 07/04/2016 तक, ‘’नागरिक केन्द्रित गुणवत्‍ता सेवाओं के लिए प्रशिक्षण’’
(ii) दिनांक 08/08/2016, ‘’प्रशासकों के समक्ष भविष्‍य की चुनौतियॉ’’
(iii)  दिनांक 05/10/2016, ‘’नरोन्‍हा स्‍मृति व्‍याख्‍यान’’ 
  2015-16 (i) दिनांक 04/04/2015, ‘’अभिप्रेरण तनाव प्रबंधन तथा समय प्रबंधन’’
(ii) दिनांक 05/10/2015, ‘’शिक्षण और नैतिक मूल्‍य’’
  2014-15 (i) दिनांक 23/12/2014, ‘’Anti-Cancer Diet- Myth and Facts’’
(ii) दिनांक 28/01/2015, ‘’म.प्र. के गौरव एवं सुप्रसिद्ध गायक स्‍व. श्री किशोर कुमार जी के जीवन एवं कृतित्‍व विषयक व्‍याख्‍यान’’
(iii) दिनांक 28/02/2015, “Internet Security & Cyber Crime”

प्रमुख गतिविधियाँ

प्रकाशन

"एक अनाड़ी की कही कहानी’’ पुस्‍तक का प्रकाशन एवं विमोचन

प्रशासन अकादमी के ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन केन्‍द्र द्वारा प्रदेश के प्रख्‍यात प्रशासक पद्मभूषण स्‍व. श्री आर. पी. नरोन्‍हा की पुस्‍तक “A tale told by an Idiot” का हिन्‍दी अनुवाद “एक अनाड़ी की कही कहानी’’ अकादमी के तत्‍कालीन महानिदेशक श्री इन्‍द्रनील शंकर दाणी द्वारा किया गया है। उक्‍त पुस्‍तक का प्रकाशन राजकमल प्रकाशन प्रा. लि., नई दिल्‍ली द्वारा किया गया। दिनांक 15 जून, 2015 को पुस्‍तक का विमोचन माननीय श्री जयंत सिन्‍हा, राज्‍य मंत्री, भारत सरकार, वित्‍त मंत्रालय के द्वारा किया गया।