मानदेय

आरसीवीपी नरोन्‍हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्‍य प्रदेश, भोपाल में आयोजित विभिन्‍न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आमंत्रित अतिथि व्‍याख्‍याताओं को भुगतान की जाने वाली मानदेय की दरें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक दिनांक 03.11.2014 में लिये गये निर्णयानुसार निम्‍नानुसार निर्धारित की गई है:-

स.क्र.

विवरण

दर रूपये

1

55 मिनिट के एक सत्र के लिये अतिथि व्‍याख्‍याता का मानदेय

800/-

2

सचिव स्‍तर का वेतनमान - ग्रेड-पे रु 10,000 या इससे ऊपर के वेतनमान में सेवारत/सेवानिवृत्‍त शासकीय अधिकारियों के लिये प्रति 55 मिनिट के सत्र के लिये मानदेय

1,500/-

3

अपर मुख्‍य सचिव एवं उनसे वरिष्‍ठ सेवारत/सेवानिवृत्‍त शासकीय अधिकारियों के लिये प्रति 55 मिनिट के सत्र के लिये मानदेय

2,000/-

4

केन्‍द्र/राज्‍य शासन से भिन्‍न वेतनमान पाने वाले शासकीय/अर्ध शासकीय/स्वशासी संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों/पदाधिकारियों (यथा – बैंक, न्‍यायिक, रक्षा, प्रशिक्षण संस्‍थान आदि( तथा स्‍वंय-सेवी/निजी संस्‍थाओं के वरिष्‍ठ अधिकारियों/पदाधिकारियों के लिये 55 मिनिट के सत्र के लिये मानदेय (प्रत्‍येक प्रकरण में महानिदेशक/संचालक के अनुमोदन से)

1,500/-

5

माह में अधिकतम मानदेय की सीमा (अकादमी आदेश क्रमांक 6063/अका/प्रशि/04-01/2017-2018 भोपाल दिनांक 22.08.17 के अनुसार संंशोधित)

15,000/-

6

राष्‍ट्रीय स्‍तर के विशिष्‍ट अतिथि व्‍याख्‍याताओं को प्रति सत्र मानदेय (प्रत्‍येक प्रकरण में महानिदेशक/संचालक के अनुमोदन से)

2,000/-

7

अति विशिष्‍ट अतिथि या विशेषज्ञों के लिये प्रति व्‍याख्‍यान )प्रत्येक प्रकरण में महानिदेशक/संचालक के अनुमोदन से

11,000/-

8

समूह सत्र में भिन्‍न-भिन्‍न स्‍तर के अधिकारी भाग लेते है तो उन्‍हें अपने-अपने स्‍तर की दर के अनुरुप मानदेय दर का आधा भुगतान किया जाएगा ।

 

 

प्रमुख गतिविधियाँ

प्रकाशन

"एक अनाड़ी की कही कहानी’’ पुस्‍तक का प्रकाशन एवं विमोचन

प्रशासन अकादमी के ज्ञान प्रबंधन एवं सुशासन केन्‍द्र द्वारा प्रदेश के प्रख्‍यात प्रशासक पद्मभूषण स्‍व. श्री आर. पी. नरोन्‍हा की पुस्‍तक “A tale told by an Idiot” का हिन्‍दी अनुवाद “एक अनाड़ी की कही कहानी’’ अकादमी के तत्‍कालीन महानिदेशक श्री इन्‍द्रनील शंकर दाणी द्वारा किया गया है। उक्‍त पुस्‍तक का प्रकाशन राजकमल प्रकाशन प्रा. लि., नई दिल्‍ली द्वारा किया गया। दिनांक 15 जून, 2015 को पुस्‍तक का विमोचन माननीय श्री जयंत सिन्‍हा, राज्‍य मंत्री, भारत सरकार, वित्‍त मंत्रालय के द्वारा किया गया।